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अभिलाषा उत्सर्ग होना तिरंगे कफ़न के लिए

जां से प्यारी मातृभूमि के पावन धाम के लिए  जां न्योछावर मातृभूमि  की आन-बान के लिए , लिखा जाये भाल पर हिन्दुस्तान नाम के लिए  तरुणाई कुर्बान हिन्दुस्तान के सम्मान के लिए । जुनून हृदय में क्रांति का ज़ज़्बा देशभक्ति का  हमारा हिन्द अखण्ड हो सपना राष्ट्रभक्ति का , मर मिटना है स्वीकार ध्वज की शान के लिए  अरि कर लें आज़माईश हमारी महाशक्ति का ।  शहीदों की शहादत का क़र्ज़ उतारने के लिए  वीर प्रसूता वसुधा का फ़र्ज़ निबाहने के लिए , सुख-शान्ति अमन रहे चमन में  वतन  के लिए  अभिलाषा उत्सर्ग होना तिरंगे कफ़न के लिए । हम सीमा के सचेत प्रहरी किसी भी प्रहार का  चढ़ दुश्मनों के सीने पे देते  जवाब  हर वार का , हम राष्ट्र अस्मिता  के गौरव के अजेय रखवाले  करते   हर साज़िश निष्काम धूर्तों के  बर्ताव  का । अपनी नापाक हरकतों से बाज़  आओ   पड़ोसी  गीदड़ भभकी से बेकार मत  उकसाओ पड़ोसी , क्या मालूम नहीं हश्र अपनी भीषण  तबाही का   हद में रहो अपनी शेरों से  मत  टकराओ पड़ोसी । हमारे अम...