अबकी बार होली में
केसर रंग,रंग देना पिया अंग अबकी बार होली में गाते बजाते चैती,फाग मृदंग अबकी बार होली में । माथे पे रोली गाल गुलाल कोरी चूनर कर देना लाल धो देना मन का मलाल अबकी बार होली में । तन भी भींगे मन भी भींगे अंचरा भी भींगे अंगिया भी भींगे हरे,नीले,पीले रंग जामुनी डाल अबकी बार होली में । संग तेरे मैं बेसुध नाचूं ऑंखों में प्रीत की पाती बांचूं कर देना नेह बरसा निहाल अबकी बार होली में । छल से ना रंगना पिया बरजोरी बल से ना रंगना चलने ना दूंगी कोई तेरी चाल अबकी बार होली में । होश ना खोना पीकर भंग तोड़ना ना संयम का प्रतिबंध रखना लोक लाज का ख़याल अबकी बार होली में । शैल सिंह सर्वाधिकार सुरक्षित