'भारत का युवा वर्ग जाग्रत हो'
भारत का युवा वर्ग जाग्रत हो देश के नौजवानों में झंकार और हुँकार पैदा करने के लिए,जिसकी देश को आज सख़्त जरुरत है ओ युवा सम्राट बता शक्ति का ओ ज्वार कहाँ अब जिन हौसलों में संसार बदलने के भाव निहित थे एक समय था चारित्रिक चिंतन से युवा वर्ग ही नई-नई घटनाओं को क्रियान्वित किया करते थे । प्रचंड तूफान,पराक्रमी मन होता था जिसका जिस दृढ़ विश्वासी की उर्जा होती थी चक्रवाती वो तेजस्वी,दुर्बल इतना कमजोर है आज क्यों जिससे महान हस्तियाँ भी थीं कभी थर्राती । प्रायः विश्व को दिशा निर्देशित करने वाला आश्चर्य ? स्वयं ही कलुषित कैसे हो गया है युगनायक हिन्दुस्तान का युवा कर्णधार ही आज सर्वहारा,दिग्भ्रमित कैसे हो गया है। राष्ट्रीय विपन्नता की जड़ तक जाकर प्रश्न का सार्थक हल ...