''कालखंड की बातें''
कालखंड की बातें सब कुछ आज है पास मेरे नहीं जो साथ रहा करते थे हम बाबूजी की पर्णकुटी में आनन्द विहार किया करते थे , थोडा ही सुख था तो भी क्या दुःख थोड़ा ही किया करते थे बैठ कुटुम्ब कबीला संग, नव प्रेरक सद्दभाव बहा करते थे, अभावग्रस्त था जीवन फिर भी लघु दीप जला करते आदर्शों के अनुक...