शुक्रवार, 31 मई 2019

" वर्तमान परिप्रेक्ष्य में मेरी कलम से "

लहर-लहर लहराया है परचम
भगवा का हिन्दुस्तान में
हर्ष रहा चहुँओर केसरिया
कंवल खिला है रेगिस्तान में
हो मोदी,की चर्चा है सारे जहान में ।

सबका विकास साथ सबका है नारा
इसी विश्वास पर दिल जनता ने वारा
मोदी है तो सबकुछ मुमकिन सुनो भाई
देश है सुरक्षित चौकीदार के संज्ञान में
कंवल खिला है रेगिस्तान में
हो मोदी,की चर्चा है सारे जहान में ।

मोदी की सुनामी ने ऐसी बाढ़ लाई
वंश,परिवारवाद का धड़ा धराशाई
इक नये भारत का अभ्युदय हो रहा है
धुरंधर दामोदर के तत्वावधान में
कंवल खिला है रेगिस्तान में
हो मोदी,की चर्चा है सारे जहान में ।

महाशक्ति बनकर उभरेगा भारत मेरा
अटल के संकल्प का होगा नव सवेरा
देशद्रोही,गद्दारों सुन लो कान खोलकर
कसेगा शिकंजा तुमपे अबके अभियान में
कंवल खिला है रेगिस्तान में
हो मोदी,की चर्चा है सारे जहान में ।

सर्जिकल स्ट्राइक से हड़कंप मचाया
हौसला बुलंद सेना का पावर थमाया
सारे रिश्ते तोड़कर पापी पाक घातियों से
खलबली मचा है दिया पाकिस्तान में
कंवल खिला है रेगिस्तान में
हो मोदी,की चर्चा है सारे जहान में ।

ठठ्ठा मार कर जो संसद में विहँसे थे
एक वोट गिरने पर अटल जी कहे थे
इक दिन जनादेश होगा पाले में हमारे
तुम मुँह छुपाकर बैठोगे म्यान में
कंवल खिला है रेगिस्तान में
हो मोदी,की चर्चा है सारे जहान में ।

निडर सब पर भारी कद्दावर अकेला
कितने महारथियों का सिंहासन डोला
जाति,धर्म,भेदभाव मिट गये स्वयं ही
विजय का पताका फहरा स्वाभिमान में
कंवल खिला है रेगिस्तान में
हो मोदी,की चर्चा है सारे जहान में ।

                                         शैल सिंह

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