Saturday, 6 May 2017

योगी जी पर कविता

यह कविता मैंने भाजपा की जीत पर तीन माह पहले लिखी थी पर पोस्ट आज कर रही हूँ ,मोदी जी से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पद के लिए जन-जन की मांग थे योगी जी ,जौहरी साबित हुए मोदी जी | योगी जी के अकाट्य कार्य का स्वरूप देखते हुए आज मन में आया कि योगी जी के लिए जो भाव उमड़े थे उसे आज दर्शा ही दूँ | 


      योगी जी पर कविता 


महर्षि रूपी मोती लाये मोदी जी खंगाल के
यू.पी.वालों कद्र करना योगी जी कमाल के
मशक़्क़त से ख़ोज लाये यह हीरा तराश के
रखना कीमती नगीना ये पलकों बिठाल के ,

गरजता जो सिंह सा औ दहाड़ता है शेर सा
खुद के लिए न जिसका कुछ क्षुद्र स्वार्थ सा
जो ऐसा कर्मयोगी करता हिन्दुत्व की पैरवी
उसपे जनता हुई न्यौछावर मुग्ध राग भैरवी ,

ऐसा कोहिनूर जाँच-परख़ ला सौंपा जौहरी
तख़्त पे यू.पी.के बैठा दिया दमदार चौधरी
ये निष्पक्ष द्वेषरहित करता निःस्वार्थ सेवाएं
स्वधर्म का हिमायती फ़िदा जिसपे फिजाएं ,

विरोधी तत्व लगाते ठप्पा सम्प्रदायवाद की
राष्ट्र चिंतन इनके भाव अलख राष्ट्रवाद की
भगवा है आत्मरूप हुंकार हिन्दुत्ववाद की
काट फेंक दिया जनता ने जड़ वंशवाद की ,

सर्वोपरि हो राष्ट्र निर्माण उन्नत समाज का
निजहित परे कामना समुन्नत कल्याण​ का
जो सुख,विलास त्याग धरा पथ निर्वाण का
वो सन्यासी बना चहेता विस्तृत अवाम का | 

                                     शैल सिंह