Wednesday, 3 September 2014

मोदी जी के नाम


मैं आम आदमी हूँ
मुझे आम रहने दो 
जो मुझमें खास है वो खास 
मुझमें खास रहने दो,

छू लूँ बुलंदी रहे पर 
पांव जमीं के घास पर 
ईमानदार,साखदार बनूं 
रहे आँख समग्र विकास पर,

रत देश,जन सेवा में रहूँ 
सरलता हो संगी दूजी 
सहनशीलता रहे आभूषण 
ताजिन्दगी इमान मेरी पूँजी,

चाय बेचना गुनाह ग़र 
तो ये गुनाह बार-बार करूँगा 
मिले मरने के बाद जन्म ग़र 
तो फिर चाय वाला ही बनूँगा,

चाय ने ग़रीब को दिया   
जमीं से उठा अर्श पर मुक़ाम 
कमाल छोटे से पायदान का  
ईनाम में दिया हस्ती,शोहरत नाम । 

                                          शैल सिंह