Thursday, 24 August 2017

लाईक कमेंट भर है रिश्ता बस,

मन से मन हैं सबके फटे हुए,
वाट्सएप,फेसबुक से हैं बस जुड़े हुए,
लाईक कमेंट भर है रिश्ता बस,
गूगल महाराज के कृत्रिम गिफ्टों से,
बर्थडे,एनीवर्सरी,पर्वों पर केक,फूल से
फेसबुक वॉल है पटता रहता बस,
प्रात के आरम्भ से लेकर दोपहर
सोती रात से गई रात तक
गुडमार्निंग,गुडनाईट से कुटकुट-टुकटुक
वाट्सएप है कहता रहता बस ।

               शैल सिंह