Sunday, 18 January 2015

ये मोहब्बत



मोहब्बत बहुत ख़ूबसूरत मग़र है बला
जीने देती नहीं,मरने देती नहीं,

छीन लेती सुकूँ नींद हर लेती है
दर्द हरती नहीं ग़म भर देती है
बिस्तरे पर उस्तरा चला देती है
करवटों में अज़ाब भर देती है ,

मोहब्बत बहुत ख़ूबसूरत मग़र है बला
जीने देती नहीं,मरने देती नहीं  ....|