Saturday, 8 March 2014

महिला दिवस

महिला दिवस 

बेचारगी भरे संवाद अब अच्छे नहीं लगते
नारी तूं बहुत ऊपर उठ चुकी है
बेवजह के अपवाद अब अच्छे नहीं लगते
अपने जमीर का सौदा ना कर 
पुराने हुए ,कवायद अब अच्छे नहीं लगते
हिदायतों नसीहतों का फाड़ चेहरा
बेकार के बकवास अब अच्छे नहीं लगते ।
                                            शैल सिंह